Friday, January 16, 2009

सर्वसमाज का सपना

यशवंत किकोसे जी का भी जवाब नहीं। यूँ तो ड्रामा और फिल्मों से जुड़े है पर काव्य प्रतिभा भी भरपूर है.बहनजी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर आयोजिक कार्यक्रम में उनके द्वारा कही गई
पंक्तियाँ-
सर्वसमाज का सपना
सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय का सपना
पूरा करेंगी बहनजी
बाबा कांशीराम का सपना पूरा करेंगी बहनजी
जिसने सदियों से अपमान सहा है बहनजी
वही आज सर्वजन को सम्मानित करने में लगी है बहनजी
जिंदगी के सफर में बहुत दुःख झेला है बहनजी
मैं भी आपकी प्रेरणा से दो कदम चला हूँ बहनजी
सर्वजन समाज के अधिकारों के लिए
संघर्ष कर रहीं हैं बहनजी
सर्व समाज की
मानसिक गुलामी की बेड़िया तोड़ देंगी बहनजी
सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय का सपना पूरा करेंगी बहनजी

यशवंत निकोसे
अध्यक्ष
भारतेंदु नाट्य अकादेमी,लखनऊ
जी सी लाल व्यथित व पंकज प्रसून के काव्य पत्रक में मानवता व समता पर आधारित रचनाओं को उन्होनें क्रन्तिकारी बताया।
पेश है पंकज प्रसून की पंक्तिया-
जीत को जीत समझो न हरा करो
पी सको पानी उतना ही खारा करो
दीनता दासता का दलन हो चला
अब दलित को दलित न पुकारा करो
व्यथित जी की समतामूलक कविता-
कोई न कोई तो जरूर आएगा
जो बात करेगा पंचशील की
जय सामाजिक अभियंत्रण
जय सर्व समाज
यह कार्यक्रम बेहद सफल और बहनजी के प्रति सच्चा सम्मान साबित हुआ





Tuesday, August 12, 2008

विश्व भाषा


सेवा में, दिनांक
चीफ पोस्टमास्टर जनरल
जी पी ओ, लखनऊ
विषय-नई दिल्ली से प्रेषित पंजीकृत डाक की ६० दिनों के पश्चात् हमारे सामान्य डाक बॉक्स में साधारण डाक के रूप में प्राप्ति के को janane हेतु निवेदन
माहोदय
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान परिषद् (आई सी ऍम आर) , सफदरगंज इन्क्लेव दिल्ली से दिनांक ०९-०८-०८ को पंजीकृत डाक द्वारा प्रेषित पत्र (पत्रांक संख्या-३४३४)मुझे ०८-१०-०८ को मेरे संस्थान के साधारण डाक बॉक्स में मिला।(लिफाफा की छायाप्रति संलग्न)
अतः पंजीकृत डाक का साधारण डाक के रूप में प्राप्ति एवं हुए अत्यधिक विलंब का कारण बताने की कृपा करें। कृपया सुनिश्चित कर तदनुसार सूचित करें। को


जबकि पत्र पर लगी लखनऊ जी पी ओ की मोहर के अनुसार डाक लुक्क्नोए में १२ अगस्त ,२००८ को प्राप्त कर ली गई थी।

अतः पंजीकृत डाक के प्राप्त होने में हुए इस विलंब का अविलम्ब स्पष्टीकरण देने की कृपा करें।


भवदीय
डा. डी एन काचरू
खाद्य विष विज्ञानं विभाग
भारतीय विष विज्ञानं अनुसन्धान सन्स्थान
महात्मा गाँधी मार्ग
लखनऊ


दिनांक-१४-१०-0 pan





विषय ; एम .फिल ( हिन्दी) उपाधि हेतु शोध शीर्षक "विश्व भाषा हिन्दी: दशा व दिशा " के प्रमाण पत्र हेतु निवेदन ।

महोदय,
मेरी अंकतालिका में शोध शीर्षक अंकित नहीं है अतः निवेदन है कि शोध शीर्षक के प्रमाणन हेतु पृथक प्रमाण पत्र देने कि कृपा करें ।



भवदीय
पंकज कुमार शुक्ला
एम .फिल ( हिन्दी)
शोध निर्देशक-रविकांत
शोध शीर्षक -"विश्व भाषा हिन्दी: दशा व दिशा "
अनुक्रमांक:एक्तिवेतेद


सक्रीय

सूचना

लखनऊ विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग द्वारा श्री अभिषेक ओझा को पी.एच डी की उपाधि से विभूषित करने के उपलक्ष्य में आप सभी को मुफ्त में हिन्दी फीचर फ़िल्म देखने हेतु सिनेमा हाल में सादर आमंत्रित हैं।

कृपया उचित समय पर पधार अपना स्थान सुरक्षित कर लें अन्यथा इसकी जिम्मेदारी अधोहस्ताक्षरी की नहीं होगी।